To read the program details in English, click here

20वे ग्राम्य मंथन के आवेदन अभी जारी हैं।

आवेदन करने की अंतिम तिथि 1 नवंबर 2026

आप आमंत्रित हैं ग्राम्य मंथन सहभागी को सहयोग करने के लिए - यहाँ क्लिक करें।


​​​

अपनी रोज़मर्रा की दुनिया से बाहर निकलें। लोगों के साथ जुड़ें, खुद को नए नजरिए से देखें।

19–25 दिसंबर 2026 | पयविहीर, मेलघाट टाइगर रिज़र्व, महाराष्ट्र ग्राम्य मंथन 7 दिनों का एक इमर्सिव लीडरशिप प्रोग्राम है, जहाँ युवा अपने अनुभवों, सवालों और सोच के साथ ग्रामीण भारत से सीखने के लिए एक साथ आते हैं। आज के समय में हम डिजिटल दुनिया से पहले से कहीं ज़्यादा जुड़े हुए हैं, लेकिन एक-दूसरे से हमारा जुड़ाव और समुदाय के साथ हमारा रिश्ता कमजोर होता जा रहा है। ग्राम्य मंथन गाँव और ग्रामीण समुदायों की ओर इसलिए देखता है, क्योंकि यहाँ लोग एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं, साथ मिलकर फैसले लेते हैं और बदलाव के लिए मिलकर काम करते हैं। यह कार्यक्रम आपको खुद को, समाज को और उन समुदायों को एक नए नजरिए से समझने का मौका देता है, जिनका आप हिस्सा हैं।

ग्राम्य मंथन युवाओं को अपने रोज़मर्रा की दुनिया से बाहर आकर समाज में बदलाव को लेकर अपनी सोच और धारणाओं पर सवाल करने और उन्हें आज़माकर देखने का मौका देता है। समुदाय के लोगों, ग्राम सभा के प्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं के साथ बातचीत के जरिए प्रतिभागियों को ऐसी सोच और जीवन जीने के तरीकों से रूबरू होने का मौका मिलता है, जो उनकी अपनी जिंदगी से काफी अलग हो सकते हैं।

बातचीत के साथ-साथ, एक्टिविटी-बेस्ड सेशंस और मेंटर्स के साथ बातचीत के जरिए प्रतिभागियों को रुककर अपने अनुभवों पर सोचने और उनसे सीखने का समय मिलता है। इस तरह, प्रोग्राम के दौरान जो हम करते और देखते हैं, उससे आगे बढ़कर हम उस पर विचार कर पाते हैं, उसे बेहतर तरीके से समझ पाते हैं और उससे नई सीख हासिल करते हैं।

कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी यह सीख आपके साथ रहती है। आप पूरी व्यवस्था को एक साथ समझने की सोच, अलग-अलग विचारों वाले लोगों के साथ बातचीत करने की क्षमता और बदलाव के लिए नेतृत्व करने का आत्मविश्वास अपने साथ लेकर जाते हैं। इससे आप अपने आसपास की जटिल परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं, अलग-अलग सोच रखने वाले लोगों के साथ मिलकर काम कर सकते हैं और अपने समुदाय और अपने आसपास बदलाव लाने वाले व्यक्ति बन सकते हैं।

20वां आयोजन · पयविहीर, महाराष्ट्र

जब पूरा समाज मिलकर अपने जंगल और साझा संसाधनों की जिम्मेदारी लेता है, तो क्या हो सकता है?

जब कोई समाज अपने अधिकारों के लिए मिलकर खड़ा होता है, खराब हो चुके बंजर जंगल को फिर से हरा-भरा करता है और ऐसा स्थानीय काम-धंधा बनाता है जिसमें सभी की भागीदारी हो, तो वह कितना कुछ बदल सकता है?

ग्राम्य मंथन का 20वां आयोजन पयविहीर ग्राम सभा के साथ मिलकर पयविहीर में हो रहा है। पयविहीर महाराष्ट्र के मेलघाट टाइगर रिज़र्व की पहाड़ियों के बीच बसा एक प्रेरणादायक आदिवासी गाँव है।

पयविहीर यह दिखाता है कि जब समाज के लोग मिलकर अपने फैसले लेते हैं और अपने प्राकृतिक संसाधनों की जिम्मेदारी खुद संभालते हैं, तो क्या-क्या बदलाव हो सकते हैं:

  • अपने अधिकार और सामुदायिक जंगल: गाँव ने वन अधिकार कानून के तहत अपने सामुदायिक वन अधिकार (CFR) हासिल किए और कभी बंजर रही पहाड़ी जमीन को एक हरे-भरे और अलग-अलग तरह के पेड़-पौधों वाले सामुदायिक जंगल में बदल दिया।

  • प्रकृति की देखभाल: गाँव ने बारिश के पानी को बचाने और मिट्टी को बहने से रोकने के लिए कई तरीके अपनाए। इससे गाँव के नीचे पानी का स्तर बेहतर हुआ और स्थानीय वन्यजीवों को भी मदद मिली।

  • सभी के लिए काम और कमाई के मौके: जंगल से मिलने वाली उपज, जैसे मेलघाट का सीताफल और उसका पल्प, को गाँव के लोगों ने मिलकर चलाए जाने वाले छोटे व्यवसायों में बदला। इससे स्थानीय लोगों के लिए सम्मान के साथ कमाई के नए मौके बने।

ग्राम्य मंथन के लिए पयविहीर सिर्फ एक जगह नहीं है। यह हमारी कक्षा भी है और शिक्षक भी। यहाँ प्रतिभागी खुद देखकर और अनुभव करके समझेंगे कि मिलकर काम करना, प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर रहना और गाँव के स्तर पर लोकतंत्र कैसे काम करता है।

हमारा निमंत्रण — अपने सवाल लेकर आइए। नए नजरिए के साथ लौटिए।

ग्राम्य मंथन आपको अपनी जानी-पहचानी दुनिया से थोड़ा बाहर निकलने, ध्यान से सुनने, अपनी सोच पर सवाल करने और खुद को, समाज को और उन समुदायों को नए तरीके से देखने का मौका देता है, जिनका हम हिस्सा हैं।

प्रोग्राम की जानकारी

कार्यक्रम की जानकारी

तारीख

ग्राम्य मंथन का 20वां आयोजन 19 दिसंबर से 25 दिसंबर 2026 तक होगा।

स्थान और मौसम

  • मौसम अच्छा और ठंडा रहेगा। दिन में तापमान लगभग 28–29°C और रात में लगभग 11–12°C तक रह सकता है। रात के लिए हल्के गर्म कपड़े साथ रखें।

  • इस बार का आयोजन पयविहीर (मेलघाट टाइगर रिज़र्व), महाराष्ट्र में होगा।

यात्रा और रहने की व्यवस्था

  • कार्यक्रम के दौरान खाना, रहना और जरूरी दूसरी सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।

  • रहने की व्यवस्था साधारण होगी और शेयर्ड अकॉमोडेशन और साझा बाथरूम होंगे।

  • प्रतिभागियों को 18 दिसंबर (डे 0) तक बडनेरा रेलवे स्टेशन पहुँचना होगा।

  • बडनेरा रेलवे स्टेशन से पयविहीर तक पिकअप की व्यवस्था की जाएगी। अपनी यात्रा की योजना इसी हिसाब से बनाएं। पिकअप का समय चयन होने के बाद बताया जाएगा।

  • ट्रेन बुक करते समय आप नागपुर रेलवे जंक्शन तक ट्रेन ले सकते हैं, जहाँ देश के कई हिस्सों से ट्रेनें आसानी से मिल जाती हैं। इसके बाद नागपुर से बडनेरा के लिए ट्रेन बुक करनी होगी। बडनेरा से पयविहीर तक हमारी टीम आपके लिए ग्रुप पिकअप की व्यवस्था करेगी।

  • सबसे नजदीकी एयरपोर्ट डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नागपुर है।

फीस / आर्थिक योगदान

7 दिनों के इस अनुभव को सुरक्षित और अच्छे तरीके से आयोजित करने में कई तरह के खर्च होते हैं, जैसे—फैसिलिटेटर्स की फीस, जगह से जुड़ी व्यवस्था, स्थानीय समुदाय को भुगतान, एक्टिविटी के लिए जरूरी सामान, खाना, रहना और गाँव तक आने-जाने का खर्च।

  • एक प्रतिभागी की वास्तविक लागत: ₹42,000

  • सहायता के बाद फीस: ₹30,000

सभी आवेदकों के लिए संस्थागत सहायता के जरिए फीस कम की गई है।

हमारी अलग-अलग फीस श्रेणियाँ

हम जानते हैं कि हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अलग होती है। इसलिए आवेदन फॉर्म में आप अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार फीस चुन सकते हैं।

30 प्रतिभागियों के लिए प्रति व्यक्ति वास्तविक लागत ₹42,000 है। एक सहयोगी की मदद से हम इसे घटाकर ₹30,000 प्रति प्रतिभागी कर पाए हैं।

हमारा एक अनुरोध: जिन लोगों के पास थोड़ा ज्यादा भुगतान करने की क्षमता है, वे अपनी फीस में थोड़ा और योगदान करने पर विचार कर सकते हैं। इससे हम उन लोगों को आर्थिक सहायता दे पाएंगे, जिनके लिए ऐसे वैकल्पिक शैक्षणिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेना आर्थिक या सामाजिक कारणों से मुश्किल होता है।

एक अलग-अलग अनुभव और पृष्ठभूमि वाले समूह का होना हम सभी की सीख को बेहतर बनाता है। इसे संभव बनाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।

  • सपोर्टर टियर (₹30,000 – ₹42,000+): काम कर रहे लोगों और आर्थिक रूप से सक्षम प्रतिभागियों के लिए, जो अपनी फीस से आगे बढ़कर किसी दूसरे प्रतिभागी की मदद करना चाहते हैं।

  • स्टैंडर्ड सब्सिडाइज्ड टियर (₹30,000): आपके कार्यक्रम में शामिल होने की मुख्य लागत को कवर करता है।

  • पार्शियल स्कॉलरशिप (₹15,000 / ₹22,000): आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे छात्रों और अपने करियर की शुरुआत कर रहे युवाओं के लिए 50% और 25% फीस की छूट।

  • 5 फुल स्कॉलरशिप (100% फीस की छूट): आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले आवेदकों के लिए 5 सीटें पूरी तरह फीस-मुक्त होंगी।

आवेदकों के लिए जरूरी बात

पैसों की कमी की वजह से खुद को आवेदन करने से न रोकें। अगर आपको लगता है कि यह यात्रा आपके लिए मायने रखती है, तो आवेदन जरूर करें। हम आपके साथ मिलकर ऐसा रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे जिससे आप इस कार्यक्रम का हिस्सा बन सकें।

फीस और आर्थिक योगदान के बारे में और जानने के लिए [यहाँ क्लिक करें]।

ग्राम्य मंथन के किसी प्रतिभागी की यात्रा में सहयोग करने के लिए [यहाँ क्लिक करें]।

कौन आवेदन कर सकता है?

  • यह कार्यक्रम भारत और दूसरे देशों, दोनों के आवेदकों के लिए खुला है।

  • 18–30 वर्ष की उम्र के प्रतिभागियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

  • इस उम्र से कम या ज्यादा उम्र वाले आवेदनों पर भी अलग-अलग आधार पर विचार किया जाएगा।

  • हमने जातीय, यौन और सांस्कृतिक अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों के लिए 5 सीटें आरक्षित रखी हैं। हम खास तौर पर दलित, आदिवासी, बहुजन, LGBTQ+ और ऐसे अन्य सामाजिक रूप से वंचित समुदायों से आने वाले युवाओं को आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

 

CHANGE AGENTS SPEAK